ईंटें मनके तथा अस्थियाँ – Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi PDF

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इस आर्टिकल में अध्यन 1 का महत्वपूर्ण टॉपिक ईंटें मनके तथा अस्थियाँ यानि की हड़प्पा सभ्यता, सिन्धु घाटी सभ्यता के बारे में पूरा विस्तार से पड़ने वाले है. तो आप सभी इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक सभी हेडिंग को एक-एक कर के पढ़े.

Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi PDF Download

PDF NameClass 12 History Chapter 1 Notes In Hindi
PDF Size21.9 KB
LanguageHindi
Pages19
QualityHigh
Category History
ExamClass 12th
PriceFree

अब इस आर्टिकल में Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi PDF के बारे में बताने वाला हूँ. साथ ही आप सभी को इस कक्षा 12th के इतिहास के महत्वपूर्ण टॉपिक चेप्टर 1 ईंटें “मनके तथा अस्थियाँ” के बारे में विस्तार से पढने वाले है.

हड़प्पा सभ्यता जिसे इंडस सभ्यता या सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है. यह एक प्राचीन सभ्यता थी जो आधुनिक पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों में स्थित थी. इस सभ्यता का समयगति का आधार सन् 2600 ईसा पूर्व से लेकर सन् 1900 ईसा पूर्व तक माना जाता है.

सिंधु घाटी की सभ्यता का विकास कहां हुआ है

सिन्धु घाटी सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी हिस्से में स्थित हुई एक प्राचीन सभ्यता थी. जिसका विकास लगभग 3300 ईसा पूर्व (ई.पू.) से 1300 ईसा पूर्व (ई.पी.) के दौरान हुआ. यह सभ्यता तीन प्रमुख स्थलों पर प्रमुख रूप से विकसित हुई थी. जिसमे मोहनजोदड़ो, हड़प्पा और कालीबंगा थी

  • आरंभिक चरण (3300-2600 ई.पू.)
  • प्रगतिशील चरण (2600-1900 ई.पू.)
  • पतन (1900-1300 ई.पू.)

आरंभिक चरण (3300-2600 ई.पू.)

सिन्धु घाटी सभ्यता का आरंभ प्रारंभिक चरण में हुआ, जब लोग स्थायी बसने वाले गाँवों में बसने लगे और कृषि का प्रारंभ किया. इस चरण में लोग बड़े और शहरों के निर्माण के प्रारंभिक संकेत दिखाने लगे.

प्रगतिशील चरण (2600-1900 ई.पू.)

इस चरण में सिन्धु घाटी सभ्यता के शहर विकसित हो गए, जैसे कि मोहनजोदड़ो और हड़प्पा. यहाँ पर सुखद जीवन की बदहाली के साथ ही उनके शहरों में सुगम जीवन की तस्वीर प्राप्त होती है. जिनमें विशेषकर जलसंचालन, स्वच्छता, और सड़कों का निर्माण शामिल था. इसी दौरान में हड़प्पा सभ्यता के लोग बांधने और उनके सभ्यता के विकास को स्थायी बनाने के लिए व्यापारिक रूप से अन्य सभ्यताओं के साथ व्यापार करते थे.

पतन (1900-1300 ई.पू.)

इस चरण में पतन (1900-1300 ई.पू.) सिन्धु घाटी सभ्यता का पतन हुआ. इसके कई कारण थे, जैसे कि जलवायु परिवर्तन, अंधविश्वास और अन्य सभ्यताओं के साथ संघर्ष था. हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के शहरों के लुढ़कने के बाद यानो की हम यह कह सकते है की ख़त्म हो जाने के बाद से ही सिन्धु घाटी सभ्यता का अस्तित्व ख़त्म हो गया था.

सिन्धु घाटी सभ्यता का विकास भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक प्राचीन सभ्यता का उदय और पतन का उदाहरण प्रस्तुत करती है. जिसने उस समय के समाज और संस्कृति की दृष्टि से हमें अद्वितीय जानकारी प्रदान की.

अध्याय- 1 “ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ” (हड़प्पा सभ्यता)

हड़प्पा सभ्यता क्या है: हड़प्पा सभ्यता जिसे विशेष रूप से हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है. यह एक प्राचीन सभ्यता थी जो प्राचीन भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी और पंजाब क्षेत्र में स्थित थी. यह सभ्यता लगभग 3300 ईसा पूर्व (ई.पू.) से 1300 ईसा पूर्व (ई.पी.) के बीच विकसित हुई थी. हड़प्पा सभ्यता नामक इस सभ्यता का नाम हारप्पा नगर से लिया गया था. जो कि आधुनिक पाकिस्तान के सिन्ध प्रांत में स्थित है.

हड़प्पा सभ्यता के लोग अपने समय के लिए उनके शहरों के मोड़र्न और सगर्भ बनाने में महिर थे, और इसमें उनके जीवनशैली, विशेषता और भाषा का महत्वपूर्ण स्थान था. हड़प्पा सभ्यता के शहर जलसंचालन, स्वच्छता और सड़कों के प्रबंध के साथ बड़े और व्यवस्थित थे. इसके अलावा, व्यापारिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा था जिसमें वे अन्य सभ्यताओं के साथ वस्त्र, आभूषण और अन्य वस्त्रों का विनिमय करते थे.

हड़प्पा सभ्यता के लोग अपने समय के लिए अद्वितीय कला, शिल्पकला, और धार्मिक प्रथाओं के साथ भी प्रसिद्ध थे. इस सभ्यता का अस्तित्व एक अद्वितीय इतिहासिक संपत्ति के रूप में मान्या जाता है और यह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है. जो हमें उस समय के समाज और संस्कृति की अधिक जानकारी प्रदान करती है.

हड़प्पा सभ्यता का नाम और खोज

हड़प्पा सभ्यता का नाम पहली बार 1921 में ब्रिटिश अर्थशास्त्री और उपकारी विज्ञानी सर जॉन मारशल द्वारा दिया गया था. सर जॉन मारशल ने सिन्धु घाटी क्षेत्र के खुदाइयों में हारप्पा और मोहनजोदड़ो नामक दो प्रमुख स्थलों की खोज की और उनके नामों को हड़प्पा और मोहनजोदड़ो रखा. इसके बाद से हड़प्पा सभ्यता को इसी नाम से जाना जाता है.

दयाराम साहनी की भूमिका

दयाराम साहनी, एक भारतीय पुरातात्विक ने हड़प्पा सभ्यता की खोज का महत्वपूर्ण योगदान किया था. 1921 में, जब सर जॉन मारशल भारत के पुरातात्विक विभाग के निर्देशक थे. तो उन्होंने दयाराम साहनी को मोहनजोदड़ो और हारप्पा स्थलों के खुदाइ कार्य का प्रमुख संचालक बनाया. दयाराम साहनी ने इन स्थलों से महत्वपूर्ण खदानों, सीलों और अन्य खगोलशास्त्रीय प्रमाणों को प्राप्त किया और हड़प्पा सभ्यता के खगोलशास्त्रीय और ऐतिहासिक महत्व को समझने में मदद की थी.

इस प्रकार दयाराम साहनी ने हड़प्पा सभ्यता की पहचान और खोज के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इस सभ्यता के महत्वपूर्ण खदानों और धारणाओं का पता लगाया. इसके बाद इस सभ्यता के खुदाइ कार्य को और भी विस्तार से अध्ययन किया गया और हड़प्पा सभ्यता के महत्वपूर्ण पहलुओं का खोजा जाना गया.

मोहनजोदड़ो की खोज

मोहनजोदड़ो की खोज 1922 में राखलदास बनर्जी ने खोजा था. कुछ लोगो का कहना है की ब्रिटिश अर्थशास्त्री और उपकारी विज्ञानी सर जॉन मारशल और इसके बाद के सालों में कई अन्य अर्थशास्त्रीयों द्वारा की गई थी. मोहनजोदड़ो हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण स्थल था और यह खगोलशास्त्रीय और इतिहासिक खदानों से प्राप्त वस्त्र, सीलें, मूर्तियाँ और अन्य समान्य के साथ मिला.

कालीबंगा की खोज

कालीबंगा की खोज 1952 में अमलानन्द घोष व भारतीय पुरातात्विक दिग्गज बी.बी. लाल और आर. स. बिषेण द्वारा की गई थी. इस स्थल से भी हड़प्पा सभ्यता के महत्वपूर्ण प्राचीन अवशेष मिले जिनमें सीलें, मूर्तियाँ और अन्य खगोलशास्त्रीय प्रमाण शामिल थे.

इन दो स्थलों से प्राप्त आकलन ने हमें हड़प्पा सभ्यता के विकास और जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है और इस सभ्यता के महत्वपूर्ण इतिहासिक महत्व को बढ़ावा दिया है.

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हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थल

प्रिय स्टूडेंट अब इस लेख में Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में बताने वाले है. यह सभी स्थल हडप्पा सभ्यता में पाया गया था. जो निचे निम्नलिखित है.

मोहनजोदड़ो: मोहनजोदड़ो हड़प्पा सभ्यता का सबसे प्रमुख और प्रमुख खगोलशास्त्रीय स्थल है. यह स्थल पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है और हड़प्पा सभ्यता के सबसे प्रमुख नगरों में से एक था.

हारप्पा: हारप्पा भी हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण नगर था और पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित था. यह एक बड़ा और विकसित नगर था जिसमें बड़े से बड़े भवन और जलसंचार प्रणालियाँ थीं.

कालीबंगा: कालीबंगा भी हड़प्पा सभ्यता के महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है और यह भारत के राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है.

लोथल: लोथल गुजरात के खंडला तालुक़ा में स्थित है और यह भी हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण स्थल था. इसका प्रमुख विशेषता यह है कि यह सभ्यता के सबसे प्राचीन पुरातात्विक बंदरगाहों में से एक है.

डोलावीरा: डोलावीरा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है और यह भी हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण स्थल है. इसके बारे में विशेष बात यह है कि इसमें सामुद्रिक संचालन से जुड़े खास तरीके के कुएं मिले हैं.

ये स्थल हड़प्पा सभ्यता के महत्वपूर्ण नगर और स्थल हैं जो इस सभ्यता की धर्म, संस्कृति और जीवनशैली के बारे में हमें जानकारी प्रदान करते हैं.

निषकर्ष

हड़प्पा सभ्यता भारतीय प्राचीन इतिहास की एक महत्वपूर्ण सभ्यता थी और इसके प्रमुख स्थल जैसे कि मोहनजोदड़ो, हारप्पा, कालीबंगा, लोथल और डोलावीरा इस सभ्यता की पहचान करने में महत्वपूर्ण रोल निभाते थे. हड़प्पा सभ्यता लगभग 3300 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व के बीच विकसित हुई थी.

विडियो में भी

यह सभ्यता नदी सिन्धु और सरस्वती के किनारे स्थित थी और इसके खगोलशास्त्रीय और इतिहासिक खदानों से बहुत सारे मूर्तियाँ, सीलें और अन्य प्रमाण प्राप्त हुए. इन स्थलों की खोज ने हमें इस सभ्यता के विकास, जीवनशैली और सामाजिक प्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान की और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को भी बढ़ावा दिया. इस सभ्यता की महत्वपूर्ण धारणाएँ, जैसे कि सीलें और जलसंचार प्रणालियाँ, आज भी अध्ययन के अध्ययन में हैं और इसके बारे में और भी ज्ञान प्राप्त हो रहा है.

FAQs (Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi)

अब इस आर्टिकल में Class 12 History Chapter 1 Notes In Hindi से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर देखने वाले है. यह सभी प्रश्न आपके द्वारा पूछा जाने वाला प्रश्न है. अगर आपके मन में कोई भी इससे सम्बन्धित और प्रश्न पूछना है तो आप हमे कोमेंट के माध्यम से पूछ सकते है. तो चलिए अब इस प्रश्न और उत्तर को शुरू से अंत तक पढ़ते है.

प्रश्न: इतिहास कक्षा 12 का पहला अध्याय कौन सा है?

उत्तर: इस अध्याय का नाम “ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ” (हड़प्पा सभ्यता) है. यह इतिहास के कक्षा 12th के विधार्थियों के लिए अति महत्वपूर्ण है.

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता क्या है Class 12?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता एक प्राचीन भारतीय सभ्यता है जो सिन्धु और सरस्वती नदियों के किनारे विकसित हुई थी. इसके प्रमुख स्थल जैसे मोहनजोदड़ो, हारप्पा और कालीबंगा से प्राप्त खदान और प्राचीन शहर सबूत देते हैं. यह सभ्यता सीलें, मूर्तियाँ और अन्य प्रमाण से उद्घाटित हुई.

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